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उड़ते परिंदे......
फसानों का क्या? वो तो सबके हैं... कुछ मेरे, कुछ तेरे!
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'लॉयन' जो नाम से कहीं ज्यादा प्यारी फिल्म है
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March 20, 2017
एक ऑटो वाले की लव स्टोरी जो किसी 90 के दशक की फिल्म से कम नहीं है
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March 04, 2017
एक ऐसी फिल्म जिसने रुलाया फिर जिंदगी खुश कर दी
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February 16, 2017
‘एरर 404 नाट फाउण्ड’ यानी कहीं नाद कहीं मूंह डालना
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January 31, 2017
इतना फ्रस्ट्रेट क्यों हो मेरे महबूब?
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December 26, 2016
अब तो सफेदी लगाकर भी मुंह काला कर सकते हो.. :-D
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November 05, 2016
सपनों को जीनें की नहीं अस्तित्व को बचाने की कहानी है 'Pink' और 'Parched'
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September 20, 2016
समझ नहीं आता फ्रेंडशिप डे के लिए हसूं या नागपंचमी की यादों के लिए रोऊं?
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August 07, 2016
यह भी जान लो, नहीं तो फोकट में पैसे खर्च करके मूर्ख बनते रहोगे!
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July 04, 2016
एक ज्ञान की बात भी पढ़ लो, फायदा देगी
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June 28, 2016
क्यों गिरा था बरेली की बाजार में झुमका? और अब कौन उठा लाया है?
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June 18, 2016
पत्रकार होना अपने आप में एक बेरोजगारी है!!
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May 18, 2016
पलायन ‘शहर से गांव की ओर’ (एक शोध परक लेख)
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May 06, 2016
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